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Saturday, July 13, 2024
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8 माता के भजन हिन्दी में Lyrics | माता रानी के भजन नवरात्रि Lyrics

माता रानी के भजन नवरात्रि Lyrics

भारतीय संस्कृति में माता की भूमिका अद्वितीय और पवित्र है। हम माता को देवी के रूप में पूजते हैं और उनकी कृपा और आशीर्वाद पाने के लिए उनके भजन गाते हैं। माता के भजन हिन्दी में हमारी धरोहर और आध्यात्मिक विरासत का अभिन्न अंग हैं।

माता के भजन हमारे भीतर भक्ति और श्रद्धा की भावना जागृत करते हैं। इनमें मां के गुणों, शक्ति और करुणा का गुणगान किया गया है। ये भजन हमें सकारात्मक ऊर्जा देते हैं और हमारे मन को शांत करते हैं। चाहे वह जगदंबा की स्तुति हो, या फिर दुर्गा मां की महिमा का बखान, हर भजन में एक विशेष भावना निहित है।

कई प्रसिद्ध संतों और कवियों ने माता के भजन लिखे हैं, जिनमें कबीर, सूरदास, तुलसीदास और मीराबाई प्रमुख हैं। उनके भजन आज भी लोगों के दिलों को छू लेते हैं और उन्हें आध्यात्मिक शांति प्रदान करते हैं।

माता के भजन न केवल पूजा के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि ये हमारे जीवन में सकारात्मकता और उत्साह भी लाते हैं। इनके माध्यम से हम माता से अपनी व्यथाएं साझा कर सकते हैं और उनकी कृपा मांग सकते हैं।

आइए हम भी अपने जीवन में माता के भजनों को स्थान दें। इन भजनों को गाने और सुनने से न केवल हमारा मन शांत होगा, बल्कि हम माता के आशीर्वाद भी पा सकेंगे। उनकी कृपा से हमारा जीवन खुशियों से भरा रहेगा और हम सभी बाधाओं पर विजय प्राप्त करेंगे।

8 माता के भजन हिन्दी में Lyrics

माता रानी के भजन

भजन 1: Bhor Bhai Din Chadh Gaya

भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे,
हो रही जय जय कार मंदिर विच,
आरती जय माँ,
हे दरबारा वाली आरती जय माँ,
है पहाड़ा वाली आरती जय माँ ||
काहे दी मैया तेरी आरती बनावा,
काहे दी पावां विच बाती,
मंदिर विच आरती जय माँ,
तू हे चोलेयाँ वाली आरती जय माँ,
हे माँ पहाड़ा वाली आरती जय माँ ||
सर्व सोने दी आरती बनावा,
अगर कपूर पावां बाती,
मंदिर विच आरती जय माँ,
हे माँ पिंडी रानी आरती जय माँ,
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ ||
कौन सुहागन दिवा बालेया मेरी मैया,
कौन जागेगा सारी रात,
मंदिर विच आरती जय माँ,
सच्चिया ज्योतां वाली आरती जय माँ,
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ ||
सर्व सुहागिन दिवा बलिया मेरी अम्बे,
ज्योत जागेगी सारी रात,
मंदिर विच आरती जय माँ,
हे माँ त्रिकुटा रानी आरती जय माँ,
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ ||
जुग जुग जीवे तेरा जम्मुए दा राजा,
जिस तेरा भवन बनाया,
मंदिर विच आरती जय माँ,
हे मेरी अम्बे रानी आरती जय माँ,
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ ||
सिमर चरण तेरा ध्यानु यश गावे,
जो ध्यावे सो, यो फल पावे,
रख बाणे दी लाज,
मंदिर विच आरती जय माँ,
सोहने मंदिरां वाली आरती जय माँ ||
भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे,
हो रही जय जय कार मंदिर विच,
आरती जय माँ,
हे दरबारा वाली आरती जय माँ,
है पहाड़ा वाली आरती जय माँ ||
    

भजन 2: Meri Jholi Chhoti Padgayi Re Itna Diya Meri Mata

मेरी झोली छोटी पड़ गयी रे,
इतना दिया मेरी माता |
मेरी झोली छोटी पड़ गयी रे,
इतना दिया मेरी माता ||
मेरी बिगड़ी माँ ने बनायीं,
सोयी तकदीर जगाई |
ये बात ना सुनी सुनाई,
मैं खुद बीती बतलाता रे,
इतना दिया मेरी माता |
मेरी झोली छोटी पड़ गयी रे,
इतना दिया मेरी माता ||
मान मिला सम्मान मिला,
गुणवान मुझे संतान मिली |
धन धान मिला, नित ध्यान मिला,
माँ से ही मुझे पहचान मिली ||
घरबार दिया मुझे माँ ने,
बेशुमार दिया मुझे माँ ने,
हर बार दिया मुझे माँ ने,
जब जब मैं मागने जाता,
मुझे इतना दिया मेरी माता ||
मेरी झोली छोटी पढ़ गयी रे,
इतना दिया मेरी माता |
मेरी झोली छोटी पढ़ गयी रे,
इतना दिया मेरी माता ||
मेरा रोग कटा मेरा कष्ट मिटा,
हर संकट माँ ने दूर किया,
भूले से जो कभी गुरुर किया,
मेरे अभिमान को चूर किया ||
मेरे अंग संग हुई सहाई,
भटके को राह दिखाई,
क्या लीला माँ ने रचाई |
मैं कुछ भी समझ ना पाता,
इतना दिया मेरी माता ||
मेरी झोली छोटी पढ़ गयी रे,
इतना दिया मेरी माता |
मेरी झोली छोटी पढ़ गयी रे,
इतना दिया मेरी माता ||
उपकार करे भव पार करे,
सपने सब के साकार करे,
ना देर करे माँ मेहर करे |
भक्तो के सदा भंडार भरे,
महिमा निराली माँ की,
दुनिया है सवाली माँ की ||
जो लगन लगा ले माँ की,
मुश्किल में नहीं घबराता रे,
मुझे इतना दिया मेरी माता ||
मेरी झोली छोटी पढ़ गयी रे,
इतना दिया मेरी माता |
मेरी झोली छोटी पढ़ गयी रे,
इतना दिया मेरी माता ||
कर कोई यतन ऐ चंचल मन,
तूँ होके मगन चल माँ के भवन |
पा जाये नैयन पावन दर्शन,
हो जाये सफल फिर ये जीवन ||
तू थाम ले माँ का दामन,
ना चिंता रहे ना उलझन,
दिन रात मनन कर सुमिरन |
जा कर माँ कहलाता,
मुझे इतना दिया मेरी माता ||
मेरी झोली छोटी पढ़ गयी रे,
इतना दिया मेरी माता |
मेरी झोली छोटी पढ़ गयी रे,
इतना दिया मेरी माता ||
    

भजन 3: Sawan Ki Barse Badariya Maa Ki Bhingi Chunariya

पल्ला

सावन की बरसे बदरिया, 
माँ की भीगी चुनरिया, 
भीगी चुनरिया माँ की, 
भीगी चुनरिया, 
सावन की बरसे बदरिया, 
माँ की भीगी चुनरिया।।

चौपाई
लाल चोला मैया का चम चम चमके, 
माथे की बिंदिया भी दम दम दमके, 
हाथो में झलके मुंदरिया, 

माँ की भीगी चुनरिया, 
सावन की बरसे बदरीया,
माँ की भीगी चुनरिया।।

छाई हरियाली झूमे अम्बुवा की डाली, 
होके मतवाली कूके कोयलिया काली, 
बादल में कड़के बिजुरिया, 
माँ की भीगी चुनरिया, 
सावन की बरसे बदरीया, 
माँ की भीगी चुनरिया।।

ऊँचा भवन तेरा ऊँचा है डेरा, 
कैसे चढ़ पाँव फिसले है मेरा, 
टेडी मेड़ी है उगरिया, 
माँ की भीगी चुनरिया, 
सावन की बरसे बदरीया, 
माँ की भीगी चुनरिया।।

काली घटा पानी भर भर के लाई, 
झूला झूले वैष्णो माई, 
हम सब पे माँ की नजरिया, 
माँ की भीगी चुनरिया, 
सावन की बरसे बदरीया, 
माँ की भीगी चुनरिया।।

पल्ला

सावन की बरसे बदरिया, 
माँ की भीगी चुनरिया, 
भीगी चुनरिया माँ की भीगी चुनरिया, 
सावन की बरसें बदरिया, 
माँ की भीगी चुनरिया ।।
    

भजन 4: Maa Murade Puri Karde Halwa Baatungi

माँ मुरादे पूरी करदे हलवा बाटूंगी।
ज्योत जगा के, सर को झुका के,
मैं मनाऊंगी, दर पे आउंगी, मनाऊंगी, मैं आउंगी॥
संतो महंतो को बुला के घर में कराऊं जगराता।
सुनती है सब की फरियादें, मेरी भी सुन लेगी माता।
झोली भरेगी, संकट हरेगी, भेटा गाऊँगी,
मैं मनाऊंगी, भेटें गाऊँगी, मनाऊंगी, मैं आउंगी॥
॥ माँ मुरादे पूरी करदे...॥

दिल से सुनो शेरा वाली माँ, खड़ी मैं बन के सवाली।
झोली भरो मेरी रानी वाली माँ, गोदी है लाल से खाली।
कृपा करो, गोदी भरो, मैं दर पे आउंगी, मैं भेटें गाऊँगी,
मैं आउंगी, मैं गाऊँगी, मैं आउंगी॥
॥ माँ मुरादे पूरी करदे...॥

भवन तेरा है सब से ऊँचा माँ, और गुफा तेरी नयारी।
भाग्य विदाता ज्योता वाली माँ, कहती है दुनिया सारी।
दाति तुम्हारा, ले के सहारा, मैं दर पे आउंगी, मैं भेटे गाऊँगी,
मैं आउंगी, मैं गाऊँगी, मैं आउंगी॥
॥ माँ मुरादे पूरी करदे...॥

कृपा करो वरदानी माँ, छाया है गम का अँधेरा।
तेरे बिना मेरा कोई ना, मुझ को भरोसा है तेरा।
दाति तुम्हारा, ले के सहारा, दर पे आउंगी, मैं भेटे गाऊँगी,
मैं आउंगी, मैं गाऊँगी, मैं आउंगी॥
॥ माँ मुरादे पूरी करदे...॥

माँ मुरादे पूरी करदे हलवा बाटूंगी।
ज्योत जगा के, सर को झुका के,
मैं मनाऊंगी, दर पे आउंगी, मनाऊंगी, मैं आउंगी॥
    

भजन 5: Kabhi Durga Banke Kabhi Kali Banke

कभी दुर्गा बनके,
कभी काली बनके,
चली आना,
मैया जी चली आना ॥
ब्रम्हचारिणी रूप में आना,
ब्रम्हचारिणी रूप में आना,
भक्ति हाथ ले के,
शक्ति साथ ले के,
चली आना,
मैया जी चली आना ॥

तुम दुर्गा रूप में आना,
तुम दुर्गा रूप में आना,
सिंह साथ ले के,
चक्र हाथ ले के,
चली आना,
मैया जी चली आना ॥

तुम काली रूप में आना,
तुम काली रूप में आना,
खप्पर हाथ ले के,
योगिनी साथ ले के,
चली आना,
मैया जी चली आना ॥

तुम शीतला रूप में आना,
तुम शीतला रूप में आना,
झाड़ू हाथ ले के,
गधा साथ ले के,
चली आना,
मैया जी चली आना ॥

तुम गौरा के रूप में आना,
तुम गौरा के रूप में आना,
माला हाथ ले के,
गणपति साथ ले के,
चली आना,
मैया जी चली आना ॥

कभी दुर्गा बनके,
कभी काली बनके,
चली आना,
मैया जी चली आना ॥
    

भजन 6: Maiya Bulale Navrate Mein

मैया बुलाले नवराते में,
नाचेंगे हम सब जगराते में,
माँ की मूरत बस गई आँखो में,
नाचेंगे हम सब जगराते में ॥
परदेशी हूँ पर भुला ना पाऊं,
माँ के दर जाना तो मैं भी चाहूँ,
बालक समझ माँ मुझे नाट दे,
संदेशा ये औरो को बाँट दे,
चिट्ठी लगी अब के हाथो में,
नाचेंगे हम सब जगराते में ॥

चढ़ाई चढ़ते भक्त गाने लगे,
दर्शन के ये सब दीवाने लगे,
चुनरी मँगवाई है जयपुर से,
इसको चढ़ाएंगे माँ के दर पे,
पावन अवसर लग गया हाथो में,
नाचेंगे हम सब जगराते में ॥

मंदिर में घुसके तो दिल ये कहे,
सर मेरा माँ के चरणों में रहे,
ऐसी ममता तो ना पाई कही,
मन करता ‘सुनील’ रह जाऊं यही,
मैया के इस नवराते में,
नाचेंगे हम सब जगराते में ॥

मैया बुलाले नवराते में,
नाचेंगे हम सब जगराते में,
माँ की मूरत बस गई आँखो में,
नाचेंगे हम सब जगराते में ॥
    

भजन 7: Ambe Tu Hai Jagdambe Kali

अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली ।
तेरे ही गुण गाये भारती,
ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥

तेरे भक्त जनो पर,
भीर पडी है भारी माँ ।
दानव दल पर टूट पडो,
माँ करके सिंह सवारी ।
सौ-सौ सिंहो से बलशाली,
अष्ट भुजाओ वाली,
दुष्टो को पलमे संहारती ।
ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥

अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली ।
तेरे ही गुण गाये भारती,
ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥

माँ बेटे का है इस जग मे,
बडा ही निर्मल नाता ।
पूत - कपूत सुने है पर न,
माता सुनी कुमाता ॥
सब पे करूणा दरसाने वाली,
अमृत बरसाने वाली,
दुखियो के दुखडे निवारती ।
ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥

अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली ।
तेरे ही गुण गाये भारती,
ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥

नही मांगते धन और दौलत,
न चांदी न सोना माँ ।
हम तो मांगे माँ तेरे मन मे,
इक छोटा सा कोना ॥
सबकी बिगडी बनाने वाली,
लाज बचाने वाली,
सतियो के सत को सवांरती ।
ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥

अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली ।
तेरे ही गुण गाये भारती,
ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥
    

भजन 8: Bheja Hai Bulava Tune Shera Waliye

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए
ओ मैया तेरे दरबार,
में हाँ तेरे दीदार, कि मैं आऊंगा
कभी न फिर जाऊँगा
भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए
ओ मैया तेरे दरबार,

शेरावालिये नी, माता ज्योता वालिए
नी सच्चियाँ ज्योता वालिए, लाटा वालिए

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए
ओ मैया तेरे दरबार,

तेरे ही दर के हैं हम तो भिखारी,
जाएं कहाँ यह दर छोड़ के, हाँ छोड़के ।
तेरे ही संग बँधी भक्तों ने डोरी,
सारे जहाँ से नाता तोड़ के, हाँ तोड़के ॥

शेरावालिये नी माता ज्योता वालिए
भवना वालिए नी माता लाटा वालिए

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए
ओ मैया तेरे दरबार,

फूलों में तेरी ही खुशबु है मैया,
चंदा में तेरी ही चांदनी, हाँ चांदनी ।
तेरे ही नूर से है नैनो की ज्योतियाँ,
सूरज में तेरी ही रौशनी, हाँ रौशनी ॥

शेरावालिये नी, माता ज्योता वालिए
नी सच्चियाँ ज्योता वालिए, लाटा वालिए

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए
ओ मैया तेरे दरबार,

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए
ओ मैया तेरे दरबार,
में हाँ तेरे दीदार, कि मैं आऊंगा
कभी न फिर जाऊँगा

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए
ओ मैया तेरे दरबार,

शेरावालिये नी, माता ज्योता वालिए
नी सच्चियाँ ज्योता वालिए, लाटा वालिए
    

अंत में, माता के भजन केवल श्रद्धा और भक्ति से गाए जाने वाले गीत नहीं हैं, बल्कि वे आध्यात्मिक यात्रा के मार्गदर्शक हैं। इन भजनों के माध्यम से हम अपने आप को खोजते हैं और अपनी आंतरिक शांति को पुनर्जीवित करते हैं। आइए हम इन भजनों का गायन करते हुए अपने दिल और आत्मा को साफ करें और माता की कृपा का आनंद लें।

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