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Saturday, July 13, 2024
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Aisa Damru Bajaya Bholenath Ne Lyrics | ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने Lyrics

Aisa Damru Bajaya Bholenath Ne Lyrics

शिव के तांडव की गूंज है “Aisa Damru Bajaya Bholenath Ne Lyrics”। यह भजन महादेव के उस रौद्र रूप का वर्णन करता है, जहां उनके डमरू की ध्वनि ब्रह्मांड को हिला देती है। “Aisa Damru Bajaya Bholenath Ne Lyrics” में है वो शक्ति, जो प्रलय और सृजन दोनों का कारण बनती है। यह भजन हमें याद दिलाता है कि भोलेनाथ के डमरू में छिपा है संपूर्ण ब्रह्मांड का रहस्य, जिसकी हर ध्वनि एक नए युग का आगाज़ करती है।

ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने – भजन लिरिक्स

मैं हिमाचल की बेटी
मेरा भोला बसे काशी
सारी उमर तेरी सेवा करुँगी
सारी उमर तेरी सेवा करुँगी
बनकर तेरी दासी

शंभु
शिव शिव शिव शिव शंभु
शिव शिव शिव शिव शंभु

ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
बम-बम, बम-बम
ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
बम-बम, बम-बम
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया

ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया

डमरू को सुनकर जी कान्हा जी आए
कान्हा जी आए संग राधा भी आए
बम-बम, बम-बम
डमरू को सुनकर जी कान्हा जी आए
कान्हा जी आए संग राधा भी आए
बम-बम, बम-बम
वहाँ सखियों का मन भी मगन हो गया
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया

ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया

डमरू को सुनकर जी गणपति चले हैं
डमरू को सुनकर जी गणपति चले
गणपति चले संग कार्तिक चले
गणपति चले संग कार्तिक चले
महा अम्बे का मन भी मगन हो गया
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया

डमरू को सुनकर जी रामा जी आए
बम-बम, बम-बम
डमरू को सुनकर जी रामा जी आए
रामा जी आए संग लक्ष्मण जी आए
मैया सिता का मन भी मगन हो गया

ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने
ऐंसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया

डमरू को सुनकर जी ब्रम्हा चले
यहाँ ब्रम्हा चले वहाँ विष्णु चले
डमरू को सुनकर जी ब्रम्हा चले
यहाँ ब्रम्हा चले वहाँ विष्णु चले
मैया लक्ष्मी का मन भी मगन हो गया
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया

ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया

डमरू को सुनकर जी गंगा चले
गंगा चले वहाँ यमुना चले
बम-बम, बम-बम
डमरू को सुनकर जी गंगा चले
गंगा चले वहाँ यमुना चले
वहाँ सरयू का मन भी मगन हो गया

ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने

डमरू को सुनकर जी सूरज चले
सूरज चले वहाँ चंदा चले
बम-बम, बम-बम
डमरू को सुनकर जी सूरज चले
सूरज चले वहाँ चंदा चले
सारे तारों का मन भी मगन हो गया

ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने
ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया

Aisa Damru Bajaya Bholenath Ne Lyrics Video

अंततः, Aisa Damru Bajaya Bholenath Ne Lyrics हमें एक ऐसी यात्रा पर ले जाता है, जहां हम शिव के विराट स्वरूप के साक्षी बनते हैं। यह भजन हमारे अंदर के अज्ञान को मिटाकर ज्ञान का प्रकाश भरता है। जैसे-जैसे हम इसकी गहराइयों में उतरते हैं, वैसे-वैसे हमारा अस्तित्व भी उस महानाद में विलीन होने लगता है। इस भजन के साथ, हम भी शिव के उस अनंत नृत्य का हिस्सा बन जाते हैं, जहां हर ताल पर सृष्टि नए रूप में ढलती है।

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